Summer express/हमीरपुर, अरविंद- :मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हमीरपुर दौरे के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर समेत प्रदेश भाजपा नेताओं पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कुशाऊ प्रोजेक्ट, सानन हाइड्रो प्रोजेक्ट, स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों की भर्ती और प्रदेश सरकार की आगामी योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल भाजपा के नेता केंद्र सरकार के समक्ष प्रदेश के हितों को मजबूती से नहीं उठा पाते और केंद्र के सामने उनकी आवाज सीमित हो जाती है।मुख्यमंत्री सुक्खू हमीरपुर जिले के दो दिवसीय दौरे पर हैं। दौरे के दौरान उन्होंने रैल औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में नए भवन की आधारशिला रखी तथा रैल में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कुशाऊ प्रोजेक्ट को लेकर अनुराग ठाकुर पर निशाना साधा।
सुक्खू ने कहा कि अनुराग ठाकुर को कुशाऊ प्रोजेक्ट के संबंध में अपने ज्ञान में वृद्धि करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अनुराग ठाकुर करीब 20 वर्षों से हमीरपुर के सांसद हैं और उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने क्षेत्र और प्रदेश की जनता के लिए क्या कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाऊ प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल के हितों की लड़ाई अकेले लड़ी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उनकी मांगों के बाद केंद्र सरकार इस परियोजना को उत्तराखंड और केंद्र के माध्यम से बनाकर हिमाचल को उपलब्ध करवाने के लिए तैयार हुई है। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना से आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश के राजस्व में लगभग 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राशि का उपयोग प्रदेश के विकास के लिए किया जाएगा।सुक्खू ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि वे इस उपलब्धि के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल भाजपा नेताओं की आवाज केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से नहीं उठती। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार होती और जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री होते तो संभवतः हिमाचल सरकार को इस परियोजना के लिए बड़ी धनराशि खर्च करनी पड़ती।
सानन हाइड्रो प्रोजेक्ट पर भी हिमाचल का दावा
सानन हाइड्रो प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में यह परियोजना पंजाब सरकार के अधीन है, लेकिन हिमाचल सरकार प्रदेश के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस परियोजना पर हिमाचल का अधिकार हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।वकीलों की फीस को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकारों की कानूनी लड़ाई के लिए देश के वरिष्ठ वकीलों की सेवाएं ली गई हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, हिमाचल के करीब 500 करोड़ रुपये के अधिकारों से जुड़े मामलों को हासिल करने के लिए कानूनी लड़ाई महत्वपूर्ण है और इसके लिए खर्च की गई फीस को राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
250 डॉक्टरों की भर्ती की तैयारी
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश लोक सेवा आयोग को डॉक्टरों के 250 पदों पर भर्ती के लिए रिक्विजिशन भेजी गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में ऐसी अत्याधुनिक चिकित्सा मशीनें स्थापित की जा रही हैं, जिनसे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा अत्याधुनिक लैब के लिए ऐसी मशीन लाने की योजना है, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में रक्त के नमूनों की जांच की जा सकेगी।
टांडा में बीएससी नर्सिंग शुरू करने की तैयारी
सुक्खू ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में जीएनएम की व्यवस्था को बंद कर बीएससी नर्सिंग शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, उस समय प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की ऑक्युपेंसी करीब 35 प्रतिशत थी, जिसे अब बढ़ाकर लगभग 60 प्रतिशत किया गया है।
अक्टूबर में नई योजनाओं की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर महीने में प्रदेश सरकार दो नई योजनाएं शुरू करने जा रही है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले करीब दो लाख परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री के मुताबिक, योजना के तहत पात्र परिवारों की बेटियों को हर महीने 1,500 रुपये देने, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाने, घर निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देने तथा परिवार को 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।