जगदीश लाल | नवांशहर
समर न्यूज
खालसा पंथ की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब से गुरुवार को मीरी-पीरी खालसा मार्च का तीसरा चरण सिख परंपराओं और खालसाई उत्साह के साथ शुरू हुआ। मार्च की अगुवाई श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह की निगरानी में की जा रही है।
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब सरकार के प्रस्तावित बेअदबी कानून को लेकर कहा कि बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उठाई गई आपत्तियों और दिए गए सुझावों पर अमल होना जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं हो जाता, तब तक संबंधित कानून को स्थगित रखने की अधिसूचना जारी की जाए। उन्होंने कहा कि ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026’ को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब पहले ही पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर चुका है।
इस मौके पर महिंदर सिंह हुसैनपुरी, बीबी निंदरजीत कौर, पार्षद परम सिंह खालसा, उत्तम सिंह सेठी, उप मुख्य सेवादार दीदार सिंह, रणजीत सिंह सरपंच लंगडोआ, परमिंदर सिंह कंवल और जगदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।