लक्की मेहता | लुधियाना
समर न्यूज
जगराओं पुल से चांद सिनेमा तक एलिवेटेड रोड को मैस्टिक एस्फाल्ट से अपग्रेड करने का 5.68 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट करीब साढ़े पांच महीने बाद भी अधूरा है। मार्च 2026 में शुरू हुआ काम सितंबर में भी पूरा नहीं हो पाया। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और फैली बजरी वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई है। रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, ऐसे में अधूरी सड़क हादसे का खतरा भी बढ़ा रही है। सवाल यह है कि आखिर काम रुका है या इसे रोक दिया गया है?
{5.93 करोड़ अनुमानित लागत, 5.68 करोड़ में अलॉट हुआ काम: नगर निगम रिकॉर्ड के मुताबिक प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 5 करोड़ 93.39 लाख रुपए थी। ठेकेदार दास बिल्डर ने 5 करोड़ 68.23 लाख रुपए की बोली लगाई। यानी अनुमानित लागत से करीब 25.16 लाख रुपए कम, 4.24% कम दर पर काम अलॉट किया गया। एफएंडसीसी ने 11 फरवरी 2026 को प्रस्ताव नंबर 2678 के जरिए इसे मंजूरी दी। इसके बाद निगम ने ठेकेदार को 5.68 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट प्राइस का एलओए जारी किया।
{मार्च में मंत्री ने शुरू कराया था काम, अब तक इंतजार: 26 मार्च 2026 को कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने जगराओं पुल से चांद सिनेमा तक एलिवेटेड रोड के अपग्रेडेशन समेत शहर में 8.59 करोड़ रुपए से अधिक के सड़क प्रोजेक्टों का काम शुरू कराया था। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि मैस्टिक एस्फाल्ट से सड़क की सतह मजबूत होगी और वाहन चालकों को बेहतर सफर मिलेगा। लेकिन करीब साढ़े पांच महीने बाद भी सड़क का काम पूरा नहीं होने से प्रोजेक्ट की रफ्तार पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
{गड्ढे-बजरी से रोज गुजर
रहे हजारों वाहन
एलिवेटेड रोड की मौजूदा स्थिति वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। जगह-जगह सड़क की सतह खराब है और काम के दौरान फैली बजरी भी दिखाई देती है। घंटाघर से लोकल अड्डे की तरफ पुल पर चढ़ते समय टूटी सड़क और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है। वहीं जगराओं पुल पुलिस नाके से पुल की ओर जाने वाला चौराहा भी लंबे समय से खस्ताहाल है।
{पहले मटीरियल की किल्लत फिर बारिश बनी वजह
सड़क के काम में देरी को लेकर पहले मटीरियल की किल्लत और बाद में बारिश को कारण बताया जाता रहा। अब करोड़ों रुपए का मैस्टिक एस्फाल्ट प्रोजेक्ट भी महीनों से अधूरा पड़ा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि निगम की ओर से प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग किस स्तर पर की जा रही है और ठेकेदार से समय पर काम पूरा क्यों नहीं करवाया गया।
{अधूरे काम की अदायगी पर
भी उठ रहे सवाल
शहर में सड़क और अन्य विकास कार्यों की मॉनिटरिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि कई मामलों में काम पूरी तरह जांचे बिना ही अदायगी की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी जाती है। इससे सार्वजनिक धन के इस्तेमाल और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
{लक्कड़ पुल पर भी एक साल से मैस्टिक का इंतजार
सड़क प्रोजेक्टों की सुस्त रफ्तार का एक और उदाहरण लक्कड़ पुल पर सामने आ रहा है। अक्टूबर 2025 में करीब 1.48 करोड़ रुपए का टेंडर निजी कंपनी को दिया गया था। इसमें पवेलियन के सामने पुल पर चढ़ने और उतरने वाली दोनों साइड सड़क बनाने के बाद मैस्टिक एस्फाल्ट डालने और मार्किंग करने का काम शामिल था। करीब एक साल पूरा होने को है, लेकिन अब तक मैस्टिक का काम पूरा नहीं हुआ।
कमिश्नर बोले – बारिश से रुका था काम
निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने कहा कि बारिश की वजह से काम रुका हुआ था। इसका जल्द काम शुरू करवा दिया जाएगा।