summer express , पंचकूला। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन सोमवार को पंचकूला में देखने को मिला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन की अगुवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने की। इस दौरान कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर जिला सचिवालय के बाहर पहुंचे। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूचियों में हेरफेर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से विपक्ष से जुड़े मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से छेड़छाड़ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में ही गड़बड़ी होगी तो निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना मुश्किल होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने के आरोप लगाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि चुनाव आयोग की ओर से निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की गई तो पार्टी पूरे हरियाणा में अपना आंदोलन और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस अपना विरोध जारी रखेगी।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई।