Summer express/शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के दौरान बागवानों के हितों की रक्षा और मंडियों में पारदर्शी व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने निर्धारित वजन से अधिक सेब भरने वाले कार्टनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था के तहत मंडियों में निरीक्षण अभियान चलाकर नियमों के उल्लंघन पर संबंधित आढ़तियों और कमीशन एजेंटों के चालान किए जा रहे हैं।निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर निर्धारित मानकों से अधिक वजन वाले सेब कार्टन सामने आए। शिकायतों के आधार पर की गई जांच में कुछ कार्टनों में 22 से 28 किलोग्राम तक सेब पाए गए। इसके बाद नियमों के अनुसार संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस अभियान के तहत करीब 6 लाख रुपये के चालान किए गए हैं।
सरकार की ओर से लागू यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था का उद्देश्य सेब की पैकिंग में एकरूपता लाने के साथ-साथ बागवानों को अतिरिक्त वजन भरने की प्रथा से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है। निर्धारित वजन से अधिक उत्पाद एक ही कार्टन में जाने से बागवानों को वास्तविक उत्पादन के मुकाबले उचित भुगतान नहीं मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सदस्य अक्षय सिंह नैंटा ने कहा कि प्रदेश के बागवान राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए मंडियों में सही वजन, पारदर्शी लेन-देन और निर्धारित पैकेजिंग मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निरीक्षण और कार्रवाई आगे भी जारी रहनी चाहिए। इससे उन बागवानों के हितों की रक्षा होगी, जो निर्धारित मानकों के अनुसार अपनी फसल मंडियों में पहुंचा रहे हैं।यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से मंडी कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाने और बागवानों को उनके उत्पाद का वास्तविक मूल्य दिलाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।