Summer express/ हमीरपुर/अरविंद- :केंद्रीय व्यापार यूनियन के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश के करीब 20 व्यापार मंडल 2 अक्टूबर को यूपीआई भुगतान के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। व्यापारी दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क का विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस शुल्क का सीधा असर छोटे दुकानदारों और कम मार्जिन पर कारोबार करने वाले व्यापारियों की आय पर पड़ेगा।व्यापार मंडलों के अनुसार डिजिटल भुगतान आज रोजमर्रा के कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उनका कहना है कि शुरुआत में 0.4 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव है, लेकिन भविष्य में इसके बढ़ ने की आशंका से भी व्यापारी चिंतित हैं।
व्यापारियों का दावा है कि यदि कोई छोटा दुकानदार महीने में पांच लाख से 30 लाख रुपये तक का कारोबार यूपीआई के माध्यम से करता है, तो प्रस्तावित शुल्क के कारण उसे करीब दो हजार से 12 हजार रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि कम मुनाफे में कारोबार करने वाले दुकानदारों के लिए यह राशि महत्वपूर्ण है।विरोध के तहत 2 अक्टूबर को कई दुकानों पर यूपीआई के क्यूआर कोड और स्कैनर को काले कपड़े से ढककर डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया गया है। व्यापारियों का कहना है कि शुल्क का असर अंततः उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।व्यापार मंडल हमीरपुर के अध्यक्ष सुमित ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय व्यापार यूनियन के आह्वान पर 2 अक्टूबर को यूपीआई शुल्क के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित शुल्क से दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, इसलिए इसे हटाने की मांग की जा रही है।