Summer express/सोलन-: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में सोमवार को कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी मांगों और हाल ही में जारी नोटिस के संबंध में कुलपति से मिलने पहुंचे, लेकिन कार्यालय के बाहर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के कारण उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद कर्मचारियों ने कुलपति कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।
कर्मचारियों की नाराजगी मुख्य रूप से राज्यपाल के हालिया विश्वविद्यालय दौरे से जुड़े मामले में जारी किए गए नोटिस को लेकर है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ गैर-कर्मचारियों को लेकर उठे मामले में नोटिस जारी किए गए हैं। इसी विषय पर अपना पक्ष रखने और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के लिए वे कुलपति से मुलाकात करना चाहते थे।
कर्मचारियों के कार्यालय पहुंचने पर वहां सुरक्षा कर्मी तैनात मिले। कर्मचारियों को अंदर जाने से रोके जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक गहमागहमी होती रही। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुलपति अपने कार्यालय के अंदर ही मौजूद रहे, लेकिन कर्मचारियों की उनसे सीधी बातचीत नहीं हो सकी।मुलाकात का रास्ता नहीं खुलने पर कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर ही बैठकर विरोध जताना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नोटिस जारी करने से पहले संबंधित कर्मचारियों और अन्य पक्षों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।धरने के कारण विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर हलचल बनी रही। कर्मचारियों ने मांग की कि कुलपति उनसे सीधे बातचीत करें और नोटिस से जुड़े पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करें। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच देर तक कर्मचारियों का धरना जारी रहा, जिससे विश्वविद्यालय का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
कुलपति डॉ एचएस बवेजा ने कर्मचारियों के आरोपों को लेकर कहा ये
वहीं नौनी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एचएस बवेजा ने कर्मचारियों के आरोपों को लेकर कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने कर्मचारियों को रोका था। यदि कर्मचारी बात करना चाहते थे, तो उन्हें उचित तरीके और सही माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए थी, न कि आक्रामक रवैया अपनाना चाहिए था।