summer express,अंबाला (अंकुर कपूर)। रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। रेलवे बोर्ड ने पुरानी और जर्जर रेलवे कॉलोनियों के कायाकल्प की दिशा में नया प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत ऐसी कॉलोनियों और क्वार्टरों को चिन्हित किया जाएगा, जिनकी हालत खराब है और जिन्हें मरम्मत या पुनर्निर्माण की जरूरत है। योजना के तहत जरूरत के अनुसार कुछ मकानों में मेजर मेंटेनेंस कराया जाएगा, जबकि बेहद पुराने और जर्जर भवनों की जगह नए आवास बनाने पर भी विचार किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड की ओर से इस संबंध में इंजीनियरिंग विभाग को पत्र जारी कर आवश्यक योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार रेलवे की पुरानी कॉलोनियों और खराब स्थिति वाले क्वार्टरों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके बाद मंडल और जोन स्तर पर इन कॉलोनियों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया जाएगा। इसी प्राथमिकता के अनुसार मरम्मत, रखरखाव या नए निर्माण का काम आगे बढ़ाया जाएगा।
अंबाला, सहारनपुर और बठिंडा रेलवे की प्रमुख कॉलोनियों में शामिल हैं। रेलवे प्रशासन पहले इन कॉलोनियों में बने आवासीय भवनों की मौजूदा स्थिति का आकलन करेगा। जिन मकानों की मरम्मत और मेजर मेंटेनेंस के जरिए स्थिति बेहतर की जा सकती है, उनमें आवश्यक कार्य कराया जाएगा। वहीं, ऐसे भवन जो काफी पुराने हो चुके हैं या जिनकी स्थिति इतनी खराब है कि उनकी मरम्मत व्यवहारिक नहीं है, उनकी जगह नए मकान बनाने की योजना पर भी विचार किया जा सकता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार रेलवे कर्मचारी और उनके परिवार रेलवे व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराना प्राथमिकता में शामिल है। पुरानी कॉलोनियों में रहने वाले कर्मचारियों को लंबे समय से मकानों की स्थिति और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। नई योजना के तहत इन समस्याओं का आकलन कर जरूरत के मुताबिक समाधान किया जाएगा।
फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया शुरुआती योजना और आकलन के चरण में है। पहले कॉलोनियों और क्वार्टरों की स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद उपलब्ध संसाधनों और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत अथवा नए निर्माण को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी। रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि योजना तैयार होने के बाद आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से काम शुरू किया जा सकेगा।
इस संबंध में अंबाला रेल मंडल के सीनियर डीसीएम यशनजीत सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार पुरानी कॉलोनियों और आवासीय क्वार्टरों की स्थिति का आकलन कर आगे की योजना तैयार की जाएगी।