Summer express, मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को उतार-चढ़ाव के बीच तेजी का रुख देखने को मिला। शुरुआती गिरावट के बाद सेंसेक्स ने 650 अंकों से अधिक की रिकवरी दर्ज की, जबकि निफ्टी 22,450 के महत्वपूर्ण स्तर के पार पहुंच गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और खुदरा महंगाई में अपेक्षा से अधिक वृद्धि के बावजूद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी की, जिससे बाजार को मजबूती मिली।
सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे आगे रहा और इसमें दो प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, एफएमसीजी और रियल्टी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी का रुझान रहा। इन क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी ने बाजार को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की।
हालांकि, सभी सेक्टरों में तेजी नहीं रही। निफ्टी मीडिया, मिडस्मॉल हेल्थकेयर, फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। केमिकल्स सेक्टर में भी मामूली कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में इस मिले-जुले प्रदर्शन से संकेत मिला कि निवेशकों ने चुनिंदा क्षेत्रों के शेयरों पर ही भरोसा जताया।
वैश्विक बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। टोक्यो समयानुसार सुबह 11:58 बजे उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट रही। जापान का टॉपिक्स 0.5 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.2 प्रतिशत नीचे रहा। हांगकांग का हैंग सेंग 0.9 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट एक प्रतिशत कमजोर हुआ। यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की दिशा पर पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई से जुड़े संकेतों का असर बना हुआ है। खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी ने ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। ऐसे माहौल में आईटी, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के शेयरों में खरीदारी ने भारतीय बाजार को सहारा दिया। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर बनी रह सकती है।