Summer express, जालंधर । शहर के बस्ती शेख इलाके में देर रात भोला मिल्क बार एंड कन्फेक्शनरी में अचानक आग लगने से दुकान में रखा कोल्ड ड्रिंक्स, पानी की बोतलें, चिप्स और अन्य सामान जलकर राख हो गया। दुकानदार ने हादसे में करीब 8 से 10 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान जताया है। घटना के बाद दुकानदार परिवार ने दमकल विभाग पर फोन नहीं उठाने और मौके पर देरी से पहुंचने के आरोप लगाए। वहीं, दमकल विभाग के अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी।
17 जुलाई को ली थी दुकान की जिम्मेदारी
दुकानदार सौरव भुल्लर ने बताया कि उन्होंने इसी साल 17 जुलाई को सरबजीत नामक व्यक्ति से भोला मिल्क बार एंड कन्फेक्शनरी का काम संभाला था। दुकान का समझौता उनके और उनके छोटे भाई के नाम पर है। उन्होंने बताया कि दुकान के पिछले हिस्से में पानी और कोल्ड ड्रिंक्स की करीब 200 से 250 पेटियां रखी थीं। इसके अलावा चिप्स और अन्य खाद्य सामग्री का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद था। आग में नया सामान और पहले से रखा स्टॉक जलने के कारण करीब 8 से 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
दमकल विभाग पर फोन नहीं उठाने का आरोप
सौरव भुल्लर का आरोप है कि आग लगने के बाद उन्होंने और आसपास के लोगों ने दमकल विभाग को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। दुकानदार का कहना है कि यदि दमकल की गाड़ी समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
वहीं, दुकानदार के भाई ने आशंका जताई कि दुकान के पिछले हिस्से में खिड़की की तरफ से तार आदि के जरिए कोई शरारत की गई हो सकती है। हालांकि, इस आशंका की अभी पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने पुलिस और प्रशासन से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके।
दमकल अधिकारी ने आरोपों पर दी सफाई, पटाखे रखे होने की बात कही
दूसरी ओर, मौके पर पहुंचे लीडिंग फायर ऑफिसर ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई थी। उनके अनुसार, दुकान में आग काफी भयानक थी और अंदर पटाखे भी रखे हुए थे। पटाखे फटने के कारण आग और ज्यादा भड़क गई।
दमकल विभाग के अधिकारी ने समय पर नहीं पहुंचने के आरोपों पर कहा कि सूचना मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई थी। आग पर काबू पाने के लिए दूसरी दमकल गाड़ी भी मौके पर बुलाई गई। अधिकारी ने बताया कि दुकान में पटाखे रखे होने के मामले की प्रशासन अपने स्तर पर जांच करेगा।
निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
हादसे के बाद दुकानदार परिवार ने प्रशासन से आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार चाहता है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए, ताकि किसी भी संभावित शरारत का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, परिवार ने आर्थिक नुकसान के लिए मुआवजा देने और दमकल विभाग को सूचना देने के बाद कथित देरी की भी जांच कराने की मांग उठाई है। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों और दुकानदार परिवार की ओर से जताई गई आशंका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।