Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला।हरियाणा में गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के फैसले पर प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह निजी कंपनियों के माध्यम से बिजली वितरण के पक्ष में नहीं हैं और इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। विज ने कहा कि सरकार की ओर से इस मामले में नियामक के समक्ष लिखित रूप में विरोध दर्ज कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद फैसला दिया गया है। अब वह इसे चुनौती देने के लिए हर संभव स्तर तक जाएंगे।
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह के नए राजस्व जिलों में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस प्रदान किए हैं। राज्य में पहली बार किसी निजी कंपनी को इस तरह का लाइसेंस दिया गया है। इसके तहत कंपनी संबंधित क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बिजली वितरित कर सकेगी। इस फैसले के विरोध में अनिल विज ने कहा कि उनके विभाग ने पूरी दृढ़ता के साथ इसका विरोध किया था। इस संबंध में सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं और कोई भी इन्हें प्राप्त कर देख सकता है कि विभाग ने क्या रुख अपनाया था।
विज ने कहा कि नियामक आयोग ने अपना फैसला सुना दिया है, लेकिन वह इसके खिलाफ अपील करेंगे और मामले को आखिरी स्तर तक लेकर जाएंगे। उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों से भी कहा कि यदि उनके पास इस व्यवस्था का कोई बेहतर विकल्प है तो वे सुझाव दें। विभाग उस पर विचार करने के लिए तैयार है। इस संबंध में उन्होंने अपने कार्यालय में कर्मचारियों की बैठक भी बुलाई।
वहीं, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस के सवालों पर भी अनिल विज ने प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस की ओर से भाजपा से पूछा गया था कि पुनरीक्षण के दौरान कितने घुसपैठियों को बाहर किया गया। इस पर विज ने कहा कि इसका जवाब चुनाव आयोग से मांगा जाना चाहिए, क्योंकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया चुनाव आयोग ही संचालित करता है।
विज ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि पूरा विपक्ष अपनी दिशा से भटक गया है और उसकी स्थिति पटरी से उतरी रेलगाड़ी जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कई तरह की परिस्थितियां सामने आती हैं। कुछ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी होती है, जबकि कई बेटियों की शादी दूसरे शहरों में हो जाने के कारण उनके पते बदल जाते हैं। ऐसे मामलों में आवश्यक सुधार चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया के बाद लोगों को अपनी जानकारी दुरुस्त कराने और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए समय दिया जाता है। विज ने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वे इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो यह भी हो सकता है कि उनके पास पर्याप्त कार्यकर्ता नहीं हैं या वे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और अपनी जानकारी सही कराने के लिए जागरूक करना चाहिए।
विज ने कहा कि एक व्यक्ति का केवल एक ही वोट होना चाहिए और चुनाव आयोग इस मामले में अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है।