Summer express/धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार शिक्षक अभ्यर्थियों ने नियमित भर्ती और लंबित नियुक्तियों में तेजी लाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। शनिवार को टीचर बैचवाइज कमीशन यूनियन की ओर से धर्मशाला में कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान संगठन ने प्रदेश के करीब 81 हजार बेरोजगार शिक्षक अभ्यर्थियों के हित में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमित बनाने की मांग उठाई।यूनियन ने 24 अक्टूबर 2026 को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से सरकार से R&P Rules के अनुसार नियमित शिक्षक भर्ती करने और बैचवाइज नियुक्तियों में तेजी लाने का आग्रह किया। संगठन ने शिक्षक भर्तियों के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी करने के साथ हर छह महीने में भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने की व्यवस्था विकसित करने की मांग भी रखी।
यूनियन ने CBSE से संबद्ध सरकारी स्कूलों में पांच वर्षीय नियुक्ति व्यवस्था तथा स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के माध्यम से होने वाली भर्तियों सहित विशेष भर्ती नीतियों की वैधानिक समीक्षा करने पर जोर दिया। इसके अलावा विषयवार रिक्त पदों का विवरण सार्वजनिक करने और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निपटारा करने की मांग की गई।संगठन का कहना है कि बेरोजगार युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में उचित अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए यूनियन ने हिमाचल प्रदेश युवा आयोग के गठन का प्रस्ताव भी रखा। संगठन ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने, संबंधित विभागों से मांगों पर लिखित जवाब लेने तथा प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक आयोजित करने की अपील की।