Summer express/ऊना/ राकेश -:हिमाचल प्रदेश के ऊना में कांग्रेस के वोट बचाओ अभियान के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखे हमले किए। राजस्थान से सांसद एवं अभियान प्रभारी हरीश चन्द्र मीणा, हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए वोट चोरी के आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य 26 नवंबर यानी संविधान दिवस तक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना है। वहीं, मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल में ऑपरेशन लोटस को विफल करने का दावा किया।
कांग्रेस के वोट बचाओ अभियान के प्रभारी और राजस्थान से सांसद हरीश चन्द्र मीणा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने वर्ष 2024 के बाद ही भाजपा सरकार पर वोट चोरी के जरिए सत्ता में आने के आरोप लगाए थे। मीणा के मुताबिक, पहले ईवीएम और फिर मतदाता सूची में नाम काटने तथा नए वोट बनवाने के जरिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली को संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि वह मोदी सरकार के साथ मिले हुए हैं। मीणा ने उन्हें भाजपा की सत्ता में वापसी का नायक तक करार दिया। उन्होंने दिल्ली, महाराष्ट्र और बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि इन चुनावों में कथित वोट चोरी के मामले सामने आए हैं। उन्होंने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सीट पर मतदाताओं के नाम कटने और चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव का उदाहरण भी दिया।मीणा ने चंडीगढ़ में वीडियोग्राफी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे कथित गड़बड़ी उजागर हुई। उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी चुनाव में एनएसयूआई को धोखे से हराने का आरोप भी लगाया। मीडिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश के 36 में से 28 चैनल मोदी के अनुयायियों की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से वोट के माध्यम से सत्ता परिवर्तन चाहती है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह मोदी सरकार के नहीं, बल्कि भाजपा के प्रतिनिधि की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार का भी वही हाल होगा, जो धर्मेंद्र प्रधान का हुआ है। पाटिल ने दावा किया कि अंग्रेजों की तरह मोदी सरकार को भी जनांदोलन के आगे झुकना पड़ेगा।उन्होंने वोट बचाओ अभियान को लोकतंत्र की रक्षा और स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि बताया। पाटिल के अनुसार, दो अक्तूबर से शुरू हुआ यह अभियान एक नवंबर को दिल्ली के महरौली तक चलेगा। इसके बाद 25 नवंबर तक देशभर में बैठकें और विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर लोगों को कथित वोट चोरी के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य 26 नवंबर, संविधान दिवस तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी भाजपा की पहचान बनती जा रही है और देश में विधायकों तथा सरकारों को भी कथित तौर पर चुराने की कोशिशें हो रही हैं।अग्निहोत्री ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने नौ विधायकों को अपने पक्ष में करके ऑपरेशन लोटस के जरिए कांग्रेस सरकार को गिराने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस ने इस कोशिश को विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि उपचुनावों में कांग्रेस ने जनता के सामने वोट चोरी का मुद्दा उठाया और मतदाताओं ने पार्टी के पक्ष में जनादेश दिया।
उपमुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के दो सदस्यों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त की कथित मनमानी को लेकर दिए गए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों के प्रति जागरूक हो रही है। अग्निहोत्री ने दावा किया कि कांग्रेस देशभर में वोट बचाओ अभियान की अगुवाई कर रही है और हिमाचल प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ता भी इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।