Summer express/शिमला/ संजू -: हिमाचल प्रदेश में स्वर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक वर्ग को अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने और अपनी आवाज उठाने के लिए उचित मंच मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार संविधान के दायरे में रहकर ही फैसले ले सकती है। विक्रमादित्य सिंह रविवार को शिमला ग्रामीण में खेल महाकुंभ 2026 के शुभारंभ के अवसर पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने खेल महाकुंभ में 10 हजार के करीब प्रतिभागियों के शामिल होने का दावा भी किया।
स्वर्ण आयोग के गठन को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग वर्गों की समस्याओं को सामने लाने के लिए विभिन्न बोर्ड और संस्थाएं गठित हैं। अनुसूचित जाति, जनजातीय क्षेत्रों, किसानों, बागवानों और ओबीसी वर्ग के लिए व्यवस्थाएं मौजूद हैं। ऐसे में अन्य वर्गों को भी अपनी समस्याएं रखने और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी वर्गों की भागीदारी महत्वपूर्ण है और हर वर्ग की आवाज सुनी जानी चाहिए।मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश और देश में सभी कार्य संविधान के अनुसार ही किए जाने चाहिए। सरकार को संविधान के तहत मिले अधिकारों और प्रावधानों के दायरे में रहकर निर्णय लेने होते हैं। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा के भीतर और बाहर जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। सही बात का समर्थन करना और गलत का विरोध करना उनकी राजनीतिक कार्यशैली का हिस्सा है।
वहीं, शिमला ग्रामीण में आयोजित खेल महाकुंभ 2026 को लेकर विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि 25 अक्टूबर से 15 नवंबर तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उनके मुताबिक इस आयोजन में करीब 9,500 से 10,000 प्रतिभागियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। प्रतियोगिताओं में युवा खिलाड़ियों के साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी भाग लेंगे।खेल महाकुंभ में क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल और रस्साकशी सहित कई खेलों को शामिल किया गया है। इस बार बॉक्सिंग प्रतियोगिता आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है। बॉक्सिंग के कुछ मुकाबले सुन्नी में करवाए जाएंगे, जिनमें स्कूल और कॉलेज स्तर के प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।मंत्री ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और नशे के खिलाफ सकारात्मक संदेश देना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि खेल महाकुंभ में महिलाओं की भागीदारी करीब 70 प्रतिशत रहेगी। महिलाओं की बड़ी भागीदारी को उन्होंने आयोजन का महत्वपूर्ण पहलू बताया।
विकास कार्यों का जिक्र करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पिछले चार वर्षों में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 600 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने भी शिमला ग्रामीण में करीब 1,500 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए थे।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिमला ग्रामीण उनका निर्वाचन क्षेत्र होने के साथ उनकी कर्मभूमि भी है और यहां विकास कार्यों को गति देना उनकी प्राथमिकता है। फिलहाल खेल महाकुंभ का आयोजन शिमला ग्रामीण में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस आयोजन को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।