Summer express, अंबाला (अंकुर कपूर) | अंबाला छावनी के ऐतिहासिक हाथीखाना मंदिर में पुजारी के साथ कथित अभद्रता और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पशु प्रेमिका वंशिका लंबा एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। मंदिर में हुए विवाद के बाद हिंदू संगठनों ने विरोध जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामले में अब अदालत ने चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं, पुलिस का कहना है कि वंशिका लंबा की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
जानकारी के अनुसार, पूरा मामला अंबाला छावनी के ऐतिहासिक हाथीखाना मंदिर से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ दिन पहले वंशिका लंबा अपने साथियों के साथ मंदिर पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर पुजारी के कमरे में बिना अनुमति प्रवेश किया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद हिंदू समाज के लोग एकत्रित हो गए और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
इसके बाद मंदिर परिसर में विवाद ने और तूल पकड़ लिया। बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के सदस्य मौके पर पहुंचे और वंशिका लंबा तथा उनके साथ आए लोगों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। मामले को लेकर मंदिर परिसर में काफी देर तक तनाव बना रहा।
अधिवक्ता मान सिंह काकरान ने बताया कि यह मामला मंदिर के पुजारी के साथ कथित अभद्रता और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की ओर से संबंधित लोगों से मंदिर पहुंचकर माफी मांगने की मांग की गई थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय विवाद बढ़ता चला गया। उन्होंने बताया कि अदालत ने मामले में चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में आगे भी कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
वहीं, पुलिस के अनुसार इस मामले में मारपीट और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपों के तहत वंशिका लंबा, उनके पति और दो अन्य लोगों सहित चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी धर्मवीर ने बताया कि वंशिका लंबा के पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि वंशिका लंबा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।