Summer express/राहुल चावला, कांगड़ा -: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने पर तीखा पलटवार किया है। बुधवार को कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचे अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि जिस कांग्रेस पार्टी को सबसे लंबे समय तक देश पर शासन करने का अवसर मिला, आज वही लोकतंत्र को कमजोर करने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकसभा में चर्चा नहीं होने देती और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के बाद सड़कों पर बहस करने की बात करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावी हार से हताश है और देश की जनता बार-बार पार्टी को नकार रही है।
कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसते हुए ठाकुर ने कहा कि चीन के दार्शनिक कन्फ्यूशियस थे, जबकि कांग्रेस के नेता ‘कन्फ्यूज अस’ हैं। उन्होंने ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों को भी राजनीति से प्रेरित बताया। ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो उसे उन राज्यों में मिली जीत पर भी सवाल उठाने चाहिए, जहां इसी प्रक्रिया के तहत पार्टी को सफलता मिली है।उन्होंने राहुल गांधी पर झूठ और भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया। ठाकुर ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करना किसी भी राजनीतिक दल के हित में नहीं है।
वहीं, पंजाब के संगरूर में आयोजित इंसाफ रैली और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े सवाल पर अनुराग ठाकुर ने 1984 के सिख दंगों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 1984 में सिख समुदाय के साथ हुई हिंसा के लिए देश और सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए। उस हिंसा के जख्म आज भी सिख समुदाय के मन में मौजूद हैं।ठाकुर ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व को घेरा। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वह 1984 में सिखों के साथ हुए अत्याचारों को सही मानते हैं? उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अपनी ऐतिहासिक गलतियों को स्वीकार करती है तो राहुल गांधी को पंजाब जाकर सिख समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।