नई दिल्ली | बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार को एक भयानक हादसा हो गया, जब चीन में बना पुराना एफ-7 फाइटर जेट माइलस्टोन स्कूल की इमारत से टकरा गया। इस दर्दनाक हादसे में 16 बच्चों सहित कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग झुलस गए।
एफ-7 जेट को ‘ग्रैंडपा फाइटर जेट’ कहा जाता है, जिसकी तकनीक 1960 के दशक की है। यह विमान चीन ने रूस (तब सोवियत संघ) से तकनीकी दस्तावेज लेकर बनाया था। माना जाता है कि चीन ने इस विमान को रूस के मिग-21 की नकल पर तैयार किया और फिर कई देशों को बेचा।
हादसे का दृश्य इतना भयावह था कि स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका पूर्णिमा दास ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि बच्चों को आग की लपटों में भागते देखा। उन्होंने कहा कि स्कूल के गलियारे में चीख-पुकार मच गई थी और कई बच्चे जिंदा जल गए।
एफ-7 विमान बांग्लादेश एयरफोर्स के पास मौजूद 36 विमानों में से एक था। यही विमान सोमवार को प्रशिक्षण उड़ान के दौरान संतुलन खो बैठा और स्कूल की इमारत से टकरा गया। इस हादसे में विमान का पायलट भी मारा गया।
एफ-7 असल में चीन का जे-7 फाइटर जेट है, जिसे चीन ने 1964 में रूसी मिग-21 की नकल पर बनाया था। हालांकि चीन ने इसके कई वर्जन तैयार कर दुनिया भर के देशों को बेचा और अपने रक्षा निर्यात को मज़बूत किया। भारत ने भी 1963 में रूस से मिग-21 खरीदा था, जो अब भारतीय वायुसेना में तेजस विमान से बदला जा रहा है।