गाजा | गाजा पट्टी में जारी युद्ध और मानवीय संकट को लेकर ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा समेत 28 देशों ने इजराइल को दो टूक शब्दों में चेताया है। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने एक साझा बयान जारी कर कहा है कि गाजा में हालात बेहद भयावह हो चुके हैं और अब युद्ध को तुरंत रोका जाना चाहिए।
विदेश मंत्रियों ने अपने बयान में कहा कि गाजा में आम लोगों और बच्चों की हालत बेहद खराब है—उन्हें पीने का पानी, खाना और दवाइयां तक नहीं मिल रही हैं। राहत सामग्री बेहद धीमी गति से पहुंच रही है, जिससे हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इजराइल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन नहीं कर रहा और उसका राहत वितरण मॉडल खतरनाक और अपमानजनक है।
इस बयान पर फ्रांस, स्पेन, आयरलैंड, नॉर्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने हस्ताक्षर किए, लेकिन अमेरिका और जर्मनी इससे अलग रहे।
इजराइल ने किया पलटवार
इजराइल ने इन देशों के आरोपों को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने बयान को ‘‘हकीकत से दूर’’ बताया और कहा कि यह हमास जैसे आतंकी संगठनों को गलत संदेश देता है। अमेरिका में इजराइली राजदूत माइक हुकाबी ने बयान को ‘‘घृणित’’ करार देते हुए कहा कि दुनिया को इजराइल पर नहीं, बल्कि हमास पर दबाव डालना चाहिए।
गाजा में हालात भयावह
- करीब 20 लाख लोग मानवीय संकट से जूझ रहे
- खाने-पीने और दवाओं की भारी कमी
- 59,000 से ज्यादा लोगों की मौत, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल
- हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर
कैसे शुरू हुआ युद्ध?
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने दक्षिणी इजराइल पर बड़ा हमला किया था, जिसमें करीब 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया। जवाब में इजराइल ने गाजा पर सैन्य कार्रवाई शुरू की, जो अब तक जारी है।
अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्धविराम और स्थायी राजनीतिक समाधान की मांग कर रहा है, ताकि क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके।