पंचकूला | हरियाणा के पंचकूला जिले से मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को पंचकूला के दो नामी अस्पतालों—अल्केमिस्ट और ओजस—पर छापा मारा और 127.33 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत की गई है।
हजारों करोड़ की ठगी से जुड़ा है मामला
यह कार्रवाई अल्केमिस्ट ग्रुप, उसके प्रमोटर, डायरेक्टर और संबद्ध कंपनियों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। आरोप है कि इन कंपनियों ने फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए हजारों करोड़ रुपये की ठगी की। शुरुआत में केस कोलकाता पुलिस ने दर्ज किया था, जिसके बाद CBI की लखनऊ यूनिट ने IPC की धारा 120-B और 420 के तहत जांच शुरू की।
1,848 करोड़ रुपये की अवैध उगाही
ED की जांच में सामने आया कि अल्केमिस्ट टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, अल्केमिस्ट इंफ्रा रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड और ग्रुप के चेयरमैन कंवर दीप सिंह सहित कई लोगों ने 1,848 करोड़ रुपये की अवैध उगाही की। ये पैसे निवेशकों को झूठे प्रोजेक्ट दिखाकर लिए गए और फिर जटिल लेन-देन के जरिए अस्पतालों के शेयर खरीदे गए, जिससे धन का स्रोत वैध लगे।
अस्पतालों में खरीदे गए शेयर
ED के अनुसार, अल्केमिस्ट हॉस्पिटल में 40.94% और ओजस हॉस्पिटल में 37.24% शेयर मेसर्स सोरस एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं, जो कंवर दीप सिंह के बेटे करण दीप सिंह की कंपनी है।
पहले भी हो चुकी गिरफ्तारी
कंवर दीप सिंह को ED ने 12 जनवरी 2021 को गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में 238.42 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है और एजेंसी ने दो प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी कोर्ट में दाखिल की हैं।