भारत के लिए जीने का समय है, तोड़ने वाली भाषा स्वीकार्य नहीं’ : मोहन भागवत
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने देश में विभाजनकारी सोच और उग्र भाषा पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “तेरे टुकड़े होंगे” जैसी बातें भारत की आत्मा के खिलाफ हैं। यह भारत के लिए जीने और उसे आगे बढ़ाने का समय है, न कि नकारात्मकता और टकराव फैलाने का।...
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