नई दिल्ली | इजरायली हमलों के बाद उत्पन्न हुए संकट के बीच ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी है। भारत के अनुरोध पर ईरान सरकार ने ज़मीनी सीमाओं के जरिए निकासी की अनुमति दे दी है, क्योंकि फिलहाल ईरान का हवाई क्षेत्र बंद है।
ईरान ने मानवीय मिशन को दी मंजूरी
ईरान के विदेश मंत्री ने भारत के मानवीय अभियान को समर्थन देते हुए कहा है कि सभी ज़मीनी सीमाएं खुली हैं और भारतीय नागरिकों को बाहर निकालने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अन्य देश भी इसी तरह से अपने नागरिकों की निकासी के लिए संपर्क कर रहे हैं।
10 हजार भारतीयों के लिए विशेष रेस्क्यू मिशन की योजना
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईरान के विभिन्न हिस्सों में करीब 10,000 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। हालात को देखते हुए भारत सरकार विशेष बचाव अभियान चलाने की योजना पर काम कर रही है।
भारतीय दूतावास ने दी सतर्कता की सलाह
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से घबराने के बजाय सतर्कता बरतने की अपील की है। दूतावास ने सलाह दी है कि सभी भारतीय अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में दूतावास के सोशल मीडिया हैंडल्स पर नजर बनाए रखें। साथ ही, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।
इजरायली हमले में दो कश्मीरी छात्र घायल
ईरान में हुए एक इजरायली हवाई हमले में दो कश्मीरी छात्र घायल हो गए। यह हमला एक हॉस्टल पर हुआ था जहां कई भारतीय छात्र रह रहे थे। ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि ईरान में 1300 से ज्यादा कश्मीरी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और मौजूदा हालात को लेकर उनका डर स्वाभाविक है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में उनके परिजन भी बेहद चिंतित हैं।