रुद्रप्रयाग | केदारनाथ के पास रविवार को हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे को लेकर उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। हादसे में पायलट समेत सभी सात लोगों की मौत हो गई थी।
समय से पहले उड़ान और मौसम की अनदेखी बनी हादसे की वजह
शिकायत के अनुसार, आर्यन एविएशन को 15 जून को हेलीकॉप्टर संचालन के लिए सुबह 6 से 7 बजे का स्लॉट दिया गया था, लेकिन कंपनी ने तय समय से पहले ही सुबह 5:30 बजे उड़ान भर दी। उस वक्त क्षेत्र में घना कोहरा और खराब मौसम था, बावजूद इसके मौसम की स्थिति की जांच किए बिना हेलीकॉप्टर उड़ाया गया।
आर्यन एविएशन के अधिकारियों पर केस
पुलिस ने कंपनी के एकाउंटेबल मैनेजर कौशिक पाठक और ऑपरेशंस मैनेजर विकास तोमर के खिलाफ सोनप्रयाग थाने में IPC की धारा 105 और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 10 के तहत केस दर्ज किया है। यह एफआईआर फाटा में तैनात राजस्व उप-निरीक्षक राजीव नखोलिया की शिकायत पर दर्ज की गई।
निर्देशों की अनदेखी का आरोप
शिकायत में आरोप है कि आर्यन एविएशन ने डीजीसीए और यूकाडा के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए जानबूझकर यात्रियों की जान जोखिम में डाली। कंपनी प्रबंधन को मौसम की गंभीरता और संचालन के नियमों की जानकारी होने के बावजूद आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई।
सरकारी एजेंसियां जांच में जुटीं
हादसे के बाद से राज्य प्रशासन और विमानन नियामक एजेंसियां घटना की गहन जांच कर रही हैं। यह मामला राज्य में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।