नई दिल्ली | मंगलवार को जैनिक पावर एंड केबल्स लिमिटेड का शेयर NSE SME प्लेटफॉर्म पर ₹82 की कीमत पर लिस्ट हुआ, जो इसके इश्यू प्राइस ₹110 से 25.45% कम है। इस कमजोर लिस्टिंग ने निवेशकों को निराश किया। पहले से ही इस IPO को लेकर बाजार में उत्साह कम था, और ग्रे मार्केट में भी इसका प्रीमियम शून्य दर्ज किया गया था।
सब्सक्रिप्शन से पहले ही दिख गए थे संकेत
कंपनी का इश्यू पूरी तरह फ्रेश इश्यू था, जिसके जरिए ₹51.3 करोड़ जुटाने का लक्ष्य था। इसमें 46.63 लाख शेयर ₹110 प्रति शेयर की दर से जारी किए गए थे। हालांकि, इस IPO को केवल 1.54 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
- रिटेल निवेशकों का रिस्पॉन्स अपेक्षाकृत बेहतर रहा, जहां यह श्रेणी 2.08 गुना सब्सक्राइब हुई।
- NII (नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स) की श्रेणी को 1.13 गुना आवेदन मिले।
- QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स) की दिलचस्पी बेहद सीमित रही और यह श्रेणी महज 1.01 गुना भर पाई।
कंपनी प्रोफाइल और बिजनेस विस्तार
जैनिक पावर एंड केबल्स की शुरुआत मई 2011 में एल्यूमीनियम रॉड की ट्रेडिंग से हुई थी। साल 2023 में कंपनी ने खुद का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू किया। आज कंपनी मुख्य रूप से एल्यूमीनियम वायर रॉड्स का निर्माण करती है, जो हरियाणा के सोनीपत स्थित ISO सर्टिफाइड प्लांट में तैयार होते हैं।
कंपनी का ग्राहक नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों में फैला हुआ है।
वित्तीय प्रदर्शन
- FY 2025 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹352.38 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹339.23 करोड़ था।
- FY 2023 में कंपनी का रेवेन्यू केवल ₹67.49 करोड़ था, यानी तीन वर्षों में कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
- शुद्ध लाभ (PAT) भी तेजी से बढ़ा है:
- FY 2023: ₹15 लाख
- FY 2024: ₹5.02 करोड़
- FY 2025: ₹9.24 करोड़
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग
कंपनी ने IPO से प्राप्त पूंजी को कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों के लिए नियोजित किया है:
- ₹23.50 करोड़ कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में
- ₹10.99 करोड़ नई निर्माण इकाई की स्थापना और उससे जुड़े खर्चों पर
- ₹5 करोड़ पुराने ऋणों के आंशिक पुनर्भुगतान के लिए
- शेष राशि का उपयोग कॉर्पोरेट जरूरतों और IPO से संबंधित खर्चों के लिए किया जाएगा।