इस्लामाबाद | पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक बार फिर अपने शब्दों की चूक के कारण वैश्विक मंच पर चर्चा में हैं। इस बार मसला राजनीतिक नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर की गई एक गंभीर टाइपो का है, जिसने उन्हें सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर ला दिया है।
पोस्ट में “condemn” की जगह लिखा “condom”
ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव को लेकर शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने इजरायल के हमले की कड़ी निंदा करने की कोशिश की। लेकिन टाइपिंग की एक मामूली गलती ने उनका संजीदा बयान मज़ाक का पात्र बना दिया।
शरीफ ने लिखा—
“I strongly condom the unprovoked Israeli attack on Iran…” पोस्ट कुछ ही मिनटों में वायरल हो गया और दुनियाभर के सोशल मीडिया यूजर्स ने मीम्स और चुटकुलों की झड़ी लगा दी। कुछ ही देर में यह पोस्ट डिलीट कर दिया गया, लेकिन तब तक स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुके थे।
क्या यह सिर्फ एक टाइपो था?
हालांकि कई लोगों ने इसे फोटोशॉप या एडिटेड इमेज मानकर संदेह जताया, लेकिन ‘X’ के AI फीचर ‘Grok’ ने पुष्टि की कि यह पोस्ट वास्तव में 13 जून को किया गया था और बाद में हटाया गया।
इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे देश के नेताओं की भाषा पर पकड़ की कमजोरी और शिक्षा तंत्र की विफलता से जोड़ दिया।
शिक्षा व्यवस्था पर गहराया सवाल
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के किसी नेता की अंग्रेज़ी या टाइपिंग में चूक सुर्खियों में आई हो। लेकिन इस बार का मामला अंतरराष्ट्रीय तनाव के समय हुआ, जिसने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया।
कुछ प्रमुख आंकड़े जो चिंता बढ़ाते हैं:
- UNICEF के अनुसार, पाकिस्तान में 5 से 16 वर्ष के लगभग 2.28 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर हैं — यह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
- यह देश की स्कूल जाने योग्य कुल आबादी का लगभग 44% हिस्सा है।
- UNESCO-GEM रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा को लेकर प्रगति दक्षिण-पश्चिम एशिया में सबसे धीमी है।
- देश अपनी GDP का केवल 1.9% से 2.1% शिक्षा पर खर्च करता है, जबकि UNESCO कम से कम 4% खर्च करने की सिफारिश करता है।