लखनऊ | उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टांप और निबंधन विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादलों पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग के सभी निबंधकों और उप निबंधकों के स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही, इन ट्रांसफरों में रिश्वतखोरी की आशंका को देखते हुए जांच के निर्देश भी दिए हैं।
ट्रांसफर आदेशों पर सीधी रोक
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने स्पष्ट किया है कि स्टांप विभाग से संबंधित सभी तबादला और तैनाती आदेशों को अगले आदेश तक स्थगित किया जा रहा है। इसके तहत:
- 58 उप निबंधकों का तबादला
- 1 अन्य उप निबंधक का ट्रांसफर
- 29 नव-प्रोन्नत उप निबंधकों की तैनाती
- 114 कनिष्ठ सहायक निबंधकों का तबादला
इन सभी आदेशों को 13 और 14 जून 2025 को जारी किया गया था, जिन्हें अब स्थगित कर दिया गया है।
रिश्वतखोरी के आरोपों से हड़कंप
सूत्रों के मुताबिक, तबादलों में भारी भ्रष्टाचार और घूस लेने की शिकायतें सामने आई थीं। अधिकारियों पर आरोप है कि मनचाहे स्थानों पर तैनाती के लिए पैसे लिए जा रहे थे। इसी के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने न केवल ट्रांसफर रोके बल्कि मामले की विस्तृत जांच के भी आदेश दिए हैं।
आगे क्या?
राज्य सरकार ने यह साफ किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, कोई नया तबादला या तैनाती आदेश अमल में नहीं लाया जाएगा। इसके साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।