22 June, 2025
भागदौड़ भरी ज़िंदगी और मानसिक तनाव के बीच संगीत अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि एक कारगर थेरेपी के रूप में उभर रहा है। शोधों और विशेषज्ञों की मानें तो सही तरीके से चुना गया संगीत न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि अवसाद, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाने में मदद करता है।
विभिन्न अस्पतालों और वेलनेस सेंटर्स में अब “म्यूजिक थेरेपी” को उपचार प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। क्लासिकल, सूफी और मेडिटेटिव म्यूजिक खासतौर पर ध्यान केंद्रित करने, मन को शांत करने और भावनात्मक संतुलन बनाने में सहायक साबित हो रहा है।
मनोचिकित्सक डॉ. निधि शर्मा कहती हैं, “म्यूजिक थेरेपी तनाव और अवसाद से जूझ रहे लोगों के लिए एक सकारात्मक उपाय है। यह दवाओं के बिना मन को सुकून देने का प्रभावी तरीका हो सकता है।”हाल के वर्षों में युवाओं में भी म्यूजिक थेरेपी की लोकप्रियता बढ़ी है। कई लोग अब दिन की शुरुआत शांत म्यूजिक से करना पसंद करते हैं ताकि पूरा दिन ऊर्जावान और तनावमुक्त रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त संगीत अलग हो सकता है, लेकिन एक बात तय है—संगीत न केवल आत्मा को छूता है, बल्कि मन को भी सुकून देता है।