Mandi, 25 June
पठानकोट-मंडी फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत मंडी शहर को बाईपास करने के लिए बनाई जा रही सुरंगों का निर्माण कार्य ठप हो गया है। यह काम कर रही गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनी भारत कंस्ट्रक्शन इंडिया लिमिटेड ने स्थानीय ठेकेदार पर अवैध रूप से काम में बाधा डालने और राजनीतिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
कंपनी का कहना है कि ठेकेदार ने सुरंगों के बाहर भारी मशीनरी खड़ी कर दी है, जिससे काम पूरी तरह से रुक गया है। ठेकेदार की मांग है कि सुरंग का सारा कार्य केवल उसे ही सौंपा जाए, जबकि उसकी मशीनें पहले से ही कार्य में शामिल हैं। इस विवाद ने प्रोजेक्ट के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है।
कंपनी का आरोप – राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़
भारत कंस्ट्रक्शन इंडिया लिमिटेड के जीएम रमेश चंद रावत ने कहा कि यह सुरंगें एनएचएआई की योजना के तहत बनाई जा रही हैं, जिनके जरिये पठानकोट-मंडी फोरलेन सीधे मनाली-लेह मार्ग से जुड़ेगा। उन्होंने कहा, “ऐसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में बाधा डालना केवल परियोजना को नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करना है।”
रावत ने बताया कि तीन दिन के भीतर कंपनी को दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। एचआर प्रमुख रोहित शर्मा ने कहा कि इस संबंध में एसपी मंडी को लिखित शिकायत दी गई है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो कंपनी हाईकोर्ट का रुख करेगी।
एनएचएआई ने मांगी रिपोर्ट
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने कहा कि उन्हें सुरंग निर्माण में रुकावट की जानकारी मिली है। गावर कंपनी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और विवाद का जल्द समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रोजेक्ट का सामरिक महत्व
यह फोरलेन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत अहम है। सेना की लेह जाने वाली लॉजिस्टिक सप्लाई इसी मार्ग से होकर गुजरती है। सुरंगों के बन जाने से सेना की आवाजाही आसान होगी और मंडी शहर के ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी।