सोनीपत |क्राइम ब्रांच सेक्टर-7 की एंटी गैंगस्टर यूनिट को आज बड़ी सफलता हाथ लगी जब खरखौदा इलाके में मुठभेड़ के बाद कुख्यात और इनामी बदमाश रवि उर्फ लांबा को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी दिल्ली की कुख्यात राजेश बवाना गैंग से जुड़ा हुआ है और उस पर हरियाणा और दिल्ली में दर्जनों संगीन अपराधों के केस दर्ज हैं।
मुठभेड़ के दौरान लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
यूनिट प्रभारी अजय धनखड़ की अगुवाई में पुलिस टीम ने रवि को उस समय पकड़ा जब वह बाइक पर सवार होकर खरखौदा बाईपास के पास दिखाई दिया। रोकने के इशारे पर उसने फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। उसे तत्काल खरखौदा के सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद खानपुर PGI रेफर कर दिया गया।
हत्या के मामले में था फरार, दर्ज हैं कई गंभीर केस
रवि उर्फ लांबा, गांव बरोणा का रहने वाला है और वह पिछले साल गांव में ही हुए ब्रजेश हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस पहले ही इस केस में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन रवि की तलाश लंबे समय से जारी थी। वह एक अन्य केस में पेरोल पर बाहर आया था और फिर फरार होकर अपराधों की दुनिया में सक्रिय हो गया। रवि पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी जैसे करीब 12 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने रखा था इनाम
रवि की गिरफ्तारी के लिए हरियाणा पुलिस ने उस पर ₹20,000 और दिल्ली पुलिस ने ₹25,000 का इनाम घोषित किया हुआ था। मुठभेड़ की सूचना के बाद डीसीपी नरेंद्र कादियान और एसीपी जीत सिंह बेनीवाल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए हैं।
पुरानी रंजिश बनी कई हत्याओं की वजह
पुलिस के अनुसार, रवि उर्फ लांबा और गांव के ही रवि उर्फ मुनिया के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते अब तक दोनों पक्षों के कई लोग मारे जा चुके हैं। बीते वर्ष मुनिया के भाई ब्रजेश की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें रवि पर अपने साथियों के साथ हत्या का आरोप है।
डीसीपी ने दी जानकारी
डीसीपी नरेंद्र कादियान ने बताया कि रवि के बरोणा गांव में आने की पुख्ता जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया था। जब उसे रुकने का इशारा किया गया, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी है और इस कार्रवाई को गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।