Shimla, 30 June
शिमला में हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को खतरे में डाल दिया है। सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे भट्टाकुफर क्षेत्र में एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। सौभाग्यवश, इमारत को पहले ही खाली करवा लिया गया था, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
इस हादसे ने एक बार फिर फोरलेन निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही को उजागर कर दिया है। भवन की मालकिन अंजना वर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य के चलते उनके मकान में दरारें पड़नी शुरू हो गई थीं। लगातार बारिश ने स्थिति और बिगाड़ दी, और आखिरकार उनका घर पूरी तरह जमींदोज़ हो गया। उन्होंने चेताया कि आसपास के कई अन्य मकान भी खतरे में हैं।
स्थानीय प्रशासन व लोगों में नाराज़गी
ग्राम पंचायत चमियाना के उप प्रधान यशपाल वर्मा ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में कई अन्य मकान भी फोरलेन निर्माण के कारण असुरक्षित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कंपनी को कई बार सूचित किया गया, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। सुरक्षा को लेकर किए गए दावे खोखले साबित हुए हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान आसपास की संरचनाओं की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा गया। इसका नतीजा यह है कि अब लोगों की जान-माल पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने फोरलेन निर्माण कंपनी और प्रशासन दोनों पर घोर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
प्रशासन का जवाब और आगामी कदम
घटना के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया गया है। इसके साथ ही, प्रभावितों ने मांग की है कि निर्माण कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में मौजूद अन्य जर्जर हो चुके भवनों को सुरक्षित किया जाए।