लंदन | ब्रिटेन की शाही विरासत का प्रतीक रही ‘रॉयल ट्रेन’ अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है। बकिंघम पैलेस ने सोमवार को आधिकारिक रूप से घोषणा की कि महाराजा चार्ल्स तृतीय ने इस ट्रेन को सेवा से बाहर करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। ट्रेन को बंद करने की मुख्य वजह उच्च रखरखाव लागत और इसे आधुनिक रेल नेटवर्क के अनुरूप ढालने में आने वाली चुनौतियां बताई गई हैं।
154 साल पुरानी शाही परंपरा होगी समाप्त
1869 में महारानी विक्टोरिया के दौर में शुरू की गई यह रॉयल ट्रेन, नौ डिब्बों का एक विशेष शाही सुइट है, जिसे किसी भी व्यावसायिक इंजन से जोड़ा जा सकता है। बकिंघम पैलेस के अनुसार, 2027 में ट्रेन का मौजूदा मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से पहले ही इसे सेवा से बाहर कर दिया जाएगा।
शाही खर्चों की समीक्षा के दौरान हुआ ऐलान
शाही खर्चों पर सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस निर्णय की घोषणा की गई। शाही वित्त मामलों के प्रमुख जेम्स चाल्मर्स ने कहा, “भविष्य की ओर बढ़ने के लिए यह जरूरी है कि हम पुरानी व्यवस्थाओं को गरिमापूर्ण विदाई दें। जिस तरह राजपरिवार के अन्य कार्यों में आधुनिकता आई है, उसी तरह यह भी समय की मांग है।”
खर्च में कटौती की दिशा में बड़ा कदम
शाही परिवार को लगातार चौथे वर्ष £118 मिलियन (करीब 11.8 करोड़ डॉलर) का सार्वजनिक फंड मिला है। इस बजट में मार्च 2026 तक बकिंघम पैलेस के नवीनीकरण के लिए £43.8 मिलियन (करीब 4.38 करोड़ डॉलर) भी शामिल हैं। ऐसे में, पुरानी परंपराओं पर खर्च सीमित करने की दिशा में यह निर्णय देखा जा रहा है।