Shimla, 2 July
हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्वयं पर लगे मारपीट के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने कहा कि संबंधित समय पर वे घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप तथ्यहीन और साजिश का हिस्सा हैं।
सड़क निर्माण में भारी अनियमितता, केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की तैयारी
अनिरुद्ध सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया कि गलत तरीके से की गई कटिंग के कारण कई लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि खेत और बागानों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
मंत्री ने कहा, “एनएचएआई केवल मुआवजा देने की बात करता है, लेकिन जान-माल की वास्तविक क्षति की अनदेखी की जा रही है। अधिकारी बैठकें करके अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ लेते हैं, जबकि जमीनी हकीकत बहुत चिंताजनक है।”
वन और राजस्व विभाग ने भी जताई आपत्ति
अनिरुद्ध सिंह ने यह भी बताया कि वन विभाग और राजस्व विभाग द्वारा एनएचएआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जो दर्शाता है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही हुई है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर जल्द ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेंगे और उनसे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
राजनीतिक आरोपों पर प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा, “जयराम ठाकुर को राज्य की जनता की समस्याओं को समझना चाहिए और केंद्र सरकार से मिलकर समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। सस्ती राजनीति करने से लोगों की समस्याएं हल नहीं होंगी।”
मंत्री ने आग्रह किया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी स्वयं शिमला आकर स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।