गुहला चीका | चीका के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल पर छात्राओं द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। एक गुमनाम पत्र के माध्यम से छात्राओं ने जिला उपायुक्त को शिकायत भेजी, जिसके आधार पर मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है।
छात्राओं द्वारा भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्कूल के प्रिंसिपल अपने कार्यालय में शिक्षिकाओं के साथ लंबे समय तक बातचीत करते हैं, जिससे स्कूल का माहौल प्रभावित हो रहा है और छात्राएं मानसिक तनाव में हैं। पत्र में एक छात्रा ने प्रिंसिपल पर अश्लील व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है।
पत्र के मुताबिक, छात्राओं को स्कूल में आयोजित एक लीगल लिटरेसी कैंप में जानकारी मिली थी कि अगर कोई व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है, तो वे जिला प्रशासन, महिला आयोग, शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री तक शिकायत कर सकती हैं। इसके बाद ही छात्राओं ने जिला उपायुक्त कैथल सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को यह शिकायत भेजी।
मामले के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपों के चलते प्रिंसिपल को तुरंत पद से न हटाया गया, तो वे स्कूल में तालाबंदी और जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
इस पूरे प्रकरण को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने बताया कि जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपेगी।
वहीं, प्रिंसिपल ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये सभी दावे निराधार और झूठे हैं। उन्होंने कहा कि उनका इन बातों से कोई लेना-देना नहीं है और वे जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।