7 July, 2025
विशेषज्ञों का कहना है कि हर निवाले को लगभग 30 बार चबाना चाहिए ताकि चबाने वाले एंजाइम कार्बोहाइड्रेट और वसा को ठीक तरीके से तोड़ सकें, जिससे भूख, डाइजेशन समस्याएँ और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है ।
“मस्टीकेशन (चबाना) खाने को शारीरिक और रासायनिक रूप से बेहतर तोड़ता है… इससे गैस, पेट फूलना, कब्ज और पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं दूर होती हैं।”खासकर अल्मंड्स जैसे भोजन को करीब 40 बार चबाने से पोषक तत्व और बेहतर अवशोषित होते हैं ।
3. धीरे-धीरे खाने से मानसिक और शारीरिक फायदा
ध्यानपूर्वक खाने से न सिर्फ पाचन सुधरता है, बल्कि इससे खाना अधिक आनंद और संतुष्टि के साथ खाया जाता है, भूख जल्दी बुझती है और ज्यादा खाने से बचने में मदद मिलती है ।
विशेषज्ञों के सुझाव
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- हर निवाला कम से कम 30 बार चबाएं, कठिन खाद्य पदार्थों के लिए 40 बार तक।
- खा‑पीकर तुरंत कुछ देर चम्मच/कांटा नीचे रख दें और सोच-समझकर अगला निवाला लें।
- भोजन के बीच में पानी पिएँ, इससे खाने की गति धीमी होती है और पाचन बेहतर होता है।
- चबाने की आदत डालें:
शुरूआत में हर दिन खाने पर कम-से-कम 2–3 निवाले इस तरीके से चबाएं और धीरे‑धीरे इसे पूरे भोजन के लिए अपनाएं।
चबाकर खाना खाने से:
- पाचन आसान होता है,
- शरीर पोषक तत्वों का अधिकतम लाभ उठाता है,
- भूख नियंत्रित होती है और वजन संतुलित रहता है,
- खाना स्वादिष्ट और संतुलित महसूस होता है।