Shimla, 7 July
केंद्र सरकार ने हाल ही में सेब पर न्यूनतम आयात मूल्य यानी MIP को 50 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया है। हालांकि, इस फैसले को लेकर कांग्रेस विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे किसानों को गुमराह करने की रणनीति बताया है।
कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया कि यह फैसला केंद्र सरकार का एकतरफा कदम है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) का सदस्य है, और पूर्व में भी जब भारत ने स्टील पर MIP लगाया था, तो जापान और कोरिया ने WTO में आपत्ति दर्ज करवाई थी, जिसके बाद भारत को अपना फैसला वापस लेना पड़ा था।उन्होंने कहा कि यही स्थिति अब सेब को लेकर भी दोहराई जा रही है और यह किसानों के हित में नहीं है। उनका मानना है कि MIP बढ़ाने के बजाय आयात शुल्क को बढ़ाया जाना चाहिए। राठौर ने कहा कि बागवानों की सीधी मांग यही है कि आयात शुल्क को 50% से बढ़ाकर 100% किया जाए।
कुलदीप राठौर ने भाजपा पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को अमेरिका जैसे देशों के दबाव में नहीं आना चाहिए। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के सेब उत्पादकों को तभी राहत मिलेगी जब ठोस नीतिगत फैसले लिए जाएं।उन्होंने दोहराया कि यदि आयात शुल्क नहीं बढ़ाया जाता है, तो MIP का कोई वास्तविक लाभ नहीं होगा।