Mandi, dharamveer-थुनाग क्षेत्र की परखैर पंचायत के देजी गांव में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने पूरे क्षेत्र को तबाह कर दिया है। गांव में सड़कें, पुल और पैदल रास्ते पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। आपदा के आठ दिन बीत जाने के बावजूद 11 लोग अभी भी लापता हैं, और प्रशासन की राहत पहुंच अब तक बेहद सीमित रही है।
11 लोग अब भी लापता, बागवानी और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मंगलवार को 5 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर देजी गांव पहुंचे। उन्होंने आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं और लोगों की स्थिति का जायजा लिया। ठाकुर ने कहा कि इस आपदा ने न केवल लोगों और पशुओं की जान ली है, बल्कि क्षेत्र की बागवानी और सेब की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।“यदि रास्ते जल्द नहीं खोले गए, तो आने वाले सेब सीजन को भी गंभीर नुकसान हो सकता है.
जयराम ठाकुर ने यह भी बताया कि अब जाकर कुछ मशीनरी सड़क बहाल करने के लिए लगाई गई है, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक स्थानीय लोगों को त्वरित राहत नहीं मिल सकी है।पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी प्राथमिकता देजी गांव को सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जल्द जोड़ने की है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी अभी तक इस क्षेत्र में नहीं पहुंचे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।जयराम ठाकुर ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से राहत सामग्री भी गांव में वितरित की और पीठ पर सामान ढो रहे ग्रामीणों से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं।