Shimla, Sanju-केंद्र सरकार के चार लेबर कोड्स के खिलाफ देशभर में चल रहे विरोध के तहत आज शिमला में भी किसान-मजदूर संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर पंचायत भवन से चौड़ा मैदान तक रैली निकाली गई। इसके बाद एक जनसभा के जरिए केंद्र की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई।
लेबर कोड्स के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध का असर शिमला में भी
सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंदर मेहरा ने कहा कि यह हड़ताल मजदूर और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि शिमला सहित राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। IGMC के सफाई कर्मचारी, होटल व आंगनवाड़ी कर्मी और आउटसोर्स वर्कर्स सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आक्रोश जता रहे हैं।
किसानों-मजदूरों ने केंद्र की नीतियों पर उठाए सवाल
विजेंदर मेहरा ने आरोप लगाया कि सरकार चार लेबर कोड्स के जरिए न सिर्फ हड़ताल का अधिकार छीन रही है, बल्कि श्रमिकों के अन्य बुनियादी अधिकारों को भी कमजोर कर रही है। साथ ही केंद्र सरकार पर कॉर्पोरेट्स को फायदा पहुंचाने के लिए पब्लिक सेक्टर के निजीकरण का भी आरोप लगाया गया।विजेंदर मेहरा ने यह भी बताया कि इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में औद्योगिक क्षेत्र, बैंकिंग सेक्टर, होटल इंडस्ट्री और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अलावा छात्र, युवा और किसान भी शामिल हुए हैं। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगी संगठनों द्वारा बुलाए गए इस आंदोलन में मजदूर-किसानों से संघर्ष तेज करने की अपील की गई है।
विजेंदर मेहरा, प्रदेशाध्यक्ष, सीटू- चारों लेबर कोड्स मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। इन्हें तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। हम सबको मिलकर इसके खिलाफ एकजुट होना होगा।”