Una, 14 july
सावन के पहले सोमवार पर हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले स्थित ऐतिहासिक बनोडे महादेव अर्धनारीश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर भगवान शिव और मां पार्वती के खंडित शिवलिंग स्वरूप का जलाभिषेक करते नजर आए। बेलपत्र, दूध और पुष्प अर्पित कर भक्तों ने अपनी श्रद्धा अर्पित की।
शिवालिक की वादियों में बसा आस्था का केंद्र
शिवालिक की पहाड़ियों के बीच बसे इस पवित्र मंदिर की धार्मिक मान्यताएं बेहद खास हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण स्वयं पांडवों ने अपने वनवास काल में किया था। किंवदंती के अनुसार, इस स्थान पर एक ऐसा असुर उत्पात मचा रहा था जिसे ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि न तो कोई पुरुष और न ही स्त्री उसका वध कर सके। तब भगवान शिव ने अर्धनारीश्वर रूप धारण कर उस असुर का अंत किया और यहीं शिव-पार्वती खंडित शिवलिंग रूप में स्थापित हुए।
सावन में विशेष फलदायक माने जाते हैं दर्शन
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि खंडित शिवलिंग के दर्शन और जलाभिषेक से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं यहां मां पार्वती से अखंड सौभाग्य और संतान सुख की कामना करती हैं।
व्यवस्था के विशेष प्रबंध
मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार, सावन के पहले सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, सफाई और जल व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए गए थे।
भक्तों का मानना है कि सावन मास में भगवान शिव की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है। यही वजह है कि आज बनोडे महादेव मंदिर में भक्तों की आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।