हरियाणा | हरियाणा को आखिरकार नया राज्यपाल मिल गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को प्रोफेसर असीम घोष को राज्य का 19वां राज्यपाल नियुक्त किया है। वे बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे, जो 18 जुलाई 2021 से यह जिम्मेदारी निभा रहे थे। घोष की नियुक्ति को न सिर्फ एक राजनीतिक संकेत माना जा रहा है, बल्कि पश्चिम बंगाल से एक बड़े चेहरे को उत्तर भारत में जिम्मेदारी सौंपना भी खास संदेश देता है।
प्रो. असीम घोष मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले से ताल्लुक रखते हैं और वे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे शिक्षाविद् होने के साथ-साथ भाजपा के रणनीतिकारों में भी गिने जाते हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि घोष को हरियाणा भेजने के पीछे भाजपा की बड़ी रणनीति छिपी हो सकती है। एक तरफ जहां घोष को संवैधानिक पद दिया गया है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की राजनीति में भी इससे नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।
सूत्रों का मानना है कि घोष की कार्यशैली और प्रशासनिक अनुभव हरियाणा के लिए अहम साबित हो सकते हैं। वहीं बंडारू दत्तात्रेय को नई जिम्मेदारी मिलने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।