बेरूत | सीरिया के दक्षिणी प्रांत सुवैदा में रविवार और सोमवार को हुई हिंसक झड़पों में हालात बेकाबू हो गए हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हैं। मरने वालों में सीरियाई सैनिक, आम नागरिक और समुदाय के स्वयंसेवक शामिल हैं।
सीरियाई रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि गैरकानूनी सशस्त्र गुटों ने अचानक सेना की तैनाती वाली जगहों पर हमला बोल दिया। इस हमले में 18 सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई। मंत्रालय के प्रवक्ता हसन अब्दुल गनी के मुताबिक, सेना इलाके में शांति कायम करने की कोशिश कर रही थी, तभी उन पर यह घातक हमला हुआ।
ड्रूज़ बहुल इलाकों में झड़पें तेज़
रविवार को हिंसा की शुरुआत तब हुई, जब सशस्त्र गुटों ने ड्रूज़ बहुल गांवों और दमिश्क-सुवैदा हाईवे को अवरुद्ध कर दिया। इसके बाद ड्रूज़ समुदाय के स्वयंसेवक हथियारों के साथ सामने आए और सशस्त्र पलटवार शुरू किया। सोमवार को झड़पें और भी उग्र हो गईं।
सरकार ने भेजे अतिरिक्त बल, बनाए गए ‘सेफ कॉरिडोर’
बिगड़ते हालात को देखते हुए सीरियाई सरकार ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और आम नागरिकों के लिए ‘सेफ कॉरिडोर’ तैयार किए गए हैं ताकि वे हिंसाग्रस्त इलाकों से सुरक्षित बाहर निकल सकें। सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
सीरिया की राजनीतिक स्थिति भी अस्थिर
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में दमिश्क पर विपक्षी गुटों के कब्जे के बाद राष्ट्रपति बशर अल-असद ने इस्तीफा दे दिया था। जनवरी 2025 में विपक्ष के नेता अहमद अल-शराआ को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया और मार्च में नई कैबिनेट बनी।
सुवैदा की ताज़ा हिंसा इस बात का संकेत है कि नई सरकार के लिए देश में स्थायित्व लाना आसान नहीं होगा। स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय नजर बनी हुई है।