बेंगलुरु | कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संन्यास की अटकलों को हवा देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने खुद संकेत दे दिया है कि मोदी 75 साल की उम्र के बाद राजनीति से संन्यास ले सकते हैं।
‘दलित को पीएम बनाने का मौका’
सिद्धरमैया ने इसे भाजपा के लिए “दलित को प्रधानमंत्री बनाने का सुनहरा मौका” बताया और चुटकी लेते हुए कहा कि इसकी शुरुआत भाजपा खुद से करे। उन्होंने भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वे दलित नेताओं जैसे गोविंद करजोल या चलवाडी नारायणस्वामी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाएंगे?
खरगे पर भाजपा के तंज का जवाब
यह बयान सिद्धरमैया ने कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र के उस बयान के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खरगे को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की चुनौती दी थी। सिद्धरमैया ने पलटवार करते हुए कहा कि खरगे का दलित समुदाय से आना उनकी पहचान का सिर्फ एक हिस्सा है, लेकिन उन्होंने राजनीति में अपनी जगह समर्पण, ईमानदारी और जनसेवा से बनाई है — ‘दलित कार्ड’ से नहीं।
“कांग्रेस तय करेगी अपना नेता, बीजेपी नहीं”
सिद्धरमैया ने साफ कहा कि कांग्रेस में यह पार्टी तय करती है कि पीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा, न कि भाजपा। साथ ही उन्होंने भाजपा पर पिछड़े वर्गों और दलितों के प्रति दिखावटी रवैये का भी आरोप लगाया।