चंडीगढ़ | हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल पद के लिए चयनित सुरेंद्र को आखिरकार लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इंसाफ मिल गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को दो सप्ताह के भीतर सुरेंद्र को नियुक्ति पत्र देने का आदेश दिया है। साथ ही अधिकारियों की मनमानी पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए सरकार पर ₹50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
2020 में किया था आवेदन, बाद में मिला क्लीन चिट
सुरेंद्र ने 2020 में हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल पद के लिए आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया के दौरान उनके खिलाफ पंजाब के खन्ना में एक एफआईआर दर्ज थी, लेकिन बाद में जांच एजेंसी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी और ट्रायल कोर्ट ने भी 2024 में उन्हें आरोपमुक्त घोषित कर दिया।
अदालती आदेशों को किया नजरअंदाज
हाईकोर्ट ने पहले भी सरकार को दो बार नियुक्ति पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था, लेकिन अधिकारियों ने एफआईआर की रिवीजन याचिका का हवाला देकर तीसरी बार भी उनकी नियुक्ति रोक दी। अदालत ने इस रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि यदि समय पर विवेकपूर्ण निर्णय लिया गया होता, तो मामला दोबारा कोर्ट में न आता।
सरकार के रवैये पर कोर्ट सख्त
जस्टिस जगमोहन बंसल की बेंच ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया 2023 में ही पूरी हो चुकी थी, लेकिन पुलिस महानिदेशक के 2024 के निर्देशों को आधार बनाकर गलत निर्णय लिया गया। अदालत ने इसे अधिकारियों की मनमानी और अदालत के निर्देशों की अवहेलना बताया।