नई दिल्ली | भारत की वैश्विक साख अब पासपोर्ट रैंकिंग में भी झलकने लगी है। Henley Passport Index 2025 में भारत ने जोरदार उछाल मारते हुए 8 पायदान की छलांग के साथ 77वां स्थान हासिल किया है। यह पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन है और इससे साफ है कि भारत की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ी है।
अब भारतीय पासपोर्ट धारकों को 59 देशों में वीजा-मुक्त या वीजा ऑन अराइवल सुविधा मिल रही है, जो यात्रियों और बिजनेस ट्रैवलर्स दोनों के लिए अच्छी खबर है।
कौन है टॉप पर?
रिपोर्ट में सिंगापुर सबसे ऊपर है, जिसके नागरिक 193 देशों में बिना वीजा घूम सकते हैं। इसके बाद जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं (190 देश)। तीसरे स्थान पर हैं यूरोप के शक्तिशाली देश: जर्मनी, फ्रांस और स्पेन (189 देश)। न्यूज़ीलैंड अकेला गैर-यूरोपीय देश है, जो टॉप 5 में शामिल हुआ।
अमेरिका और ब्रिटेन की गिरती रैंकिंग
एक समय पर सबसे ताकतवर पासपोर्ट वाले देश माने जाने वाले अमेरिका और ब्रिटेन अब नीचे खिसक चुके हैं। अमेरिका अब 10वें स्थान पर है, जबकि ब्रिटेन छठे स्थान पर। अमेरिका के पासपोर्ट धारकों को अब सिर्फ 182 देशों में वीजा-मुक्त सुविधा मिल रही है, जो अब तक की सबसे कम है।
भारत के साथ कौन आगे बढ़ा?
भारत के अलावा सऊदी अरब भी 4 पायदान की छलांग के साथ 54वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं चीन ने भी अपनी स्थिति में सुधार करते हुए 60वां स्थान पाया है। चीन के नागरिक अब 75 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं, जो पहले सिर्फ 20 थी।
सबसे नीचे कौन?
अफगानिस्तान एक बार फिर सबसे कमजोर पासपोर्ट की श्रेणी में है। उसके नागरिकों को सिर्फ 25 देशों में ही वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा मिलती है।
क्या है Henley Passport Index?
यह इंडेक्स यह बताता है कि किसी देश के नागरिक कितने देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। यह रिपोर्ट IATA (International Air Transport Association) के डाटा पर आधारित होती है और दुनिया भर में पासपोर्ट की ताकत को दर्शाने का एक प्रतिष्ठित मानक मानी जाती है।