चंडीगढ़ | कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा और इनेलो पर बड़ा हमला बोलते हुए दोनों दलों के बीच कथित “गुप्त गठबंधन” का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि गोपाल कांडा के ताजा बयान ने पर्दे के पीछे के राजनीतिक सौदेबाज़ी की पोल खोल दी है। कांडा ने यह स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की मेहरबानी और भाजपा के समर्थन से अभय चौटाला के बेटे को रानियां से विधायक बनाया गया।
हुड्डा ने इसे “हरियाणा की राजनीति का बड़ा स्कैंडल” बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और इनेलो ने पर्दे के पीछे से जनता के साथ विश्वासघात किया है। उनका कहना है कि इन दलों ने किसानों, नौजवानों और मजदूरों को सिर्फ इस्तेमाल किया है।
“इनेलो, जजपा, हलोपा—सब भाजपा की बी-टीमें”
दीपेंद्र हुड्डा ने इनेलो, जजपा और हलोपा को भाजपा की ‘बी-टीम’ करार देते हुए कहा कि ये सभी पार्टियां जनता को भ्रमित करने के लिए अलग-अलग नाम से काम करती हैं, जबकि हकीकत में ये एक ही एजेंडे पर चल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि 2024 विधानसभा चुनाव में भाजपा और इनेलो के बीच तीन सीटों पर गुप्त समझौता हुआ था—एलनाबाद, डबवाली और रानियां।
हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ कुछ विधायक भाजपा के साथ मिले हुए थे, जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचा।
“इनेलो ने विपक्ष नहीं, सत्ता को खुश किया”
सांसद ने याद दिलाया कि 2014 में इनेलो के पास 20 सीटें थीं, लेकिन 2019 में वह सिर्फ 1 सीट पर सिमट गई, क्योंकि इनेलो ने विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय हर मौके पर भाजपा का समर्थन किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में अभय चौटाला ने जानबूझकर इस्तीफा दिया ताकि उन्हें वोटिंग से बचाया जा सके और भाजपा सरकार बच जाए।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता मौजूद
इस प्रेस वार्ता में सांसद जयप्रकाश ‘जेपी’, सतपाल ब्रह्मचारी, वरुण मुलाना, विधायक जस्सी पेटवाड़, विधायक विकास सहारण सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।