नई दिल्ली/लंदन | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच हाल ही में लंदन में हुई पहली द्विपक्षीय बैठक में एक दिलचस्प और मानवीय पल चर्चा में आ गया। यह पल दोनों नेताओं के बीच सहज तालमेल और गहरी आपसी समझ का प्रतीक बन गया।
दरअसल, बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अनुवादक ब्रिटिश पीएम स्टार्मर की बातों का हिंदी में अनुवाद कर रही थीं, तो अचानक वह कुछ शब्दों पर अटक गईं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्कुराते हुए सहजता से कहा, “कोई बात नहीं, आप चिंता मत कीजिए… हम अंग्रेजी शब्दों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।”
पीएम मोदी की इस विनम्रता पर ब्रिटिश पीएम भी मुस्कुरा उठे और जवाब में बोले, “मुझे लगता है हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं।” यह हल्का-फुल्का संवाद एक गंभीर मंच पर हल्का सा मानवीय स्पर्श लेकर आया, जिसने दोनों नेताओं की व्यक्तिगत केमिस्ट्री को उजागर कर दिया।
व्यापारिक रिश्तों को मिली नई दिशा
इस मुलाकात में भारत और ब्रिटेन के बीच Free Trade Agreement (FTA) पर भी चर्चा हुई, जो दोनों देशों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक समझौते से व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाषा की दीवारें तब मायने नहीं रखतीं जब संबंध आपसी विश्वास और समझदारी पर टिके हों। भारत-ब्रिटेन के बीच बढ़ती साझेदारी और मोदी-स्टार्मर की सहज बातचीत दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाली है।