नई दिल्ली | देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद—उपराष्ट्रपति—अब खाली है, और इसके साथ ही नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। चुनाव आयोग ने इस दिशा में पहला अहम कदम उठाते हुए रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति कर दी है। माना जा रहा है कि आयोग अब जल्द ही चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा।
आखिर क्यों खाली हुआ उपराष्ट्रपति का पद?
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद यह पद रिक्त हो गया है। संविधान के मुताबिक, इस स्थिति में जल्द से जल्द चुनाव करवाना जरूरी होता है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बाधित न हो।
रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका क्या होती है?
चुनाव प्रक्रिया की रीढ़ माने जाने वाले रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी होती है कि वे नामांकन दाखिल करने से लेकर मतगणना और नतीजों की घोषणा तक हर चरण को निष्पक्षता से पूरा करवाएं। उनकी नियुक्ति, चुनाव की प्रक्रिया के औपचारिक आगाज़ का संकेत है।
कब होगा चुनाव?
अब जब चुनाव आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति कर दी है, तो जल्द ही नामांकन की तारीख, नाम वापसी की समय-सीमा, मतदान और परिणामों की घोषणा की तिथियां तय कर दी जाएंगी।
देश के अगले उपराष्ट्रपति को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि अगला नाम कौन होगा—और क्या यह चुनाव बिना विवाद के संपन्न होगा या इसमें कुछ नया मोड़ आएगा?