Ambala, 27 July
हरियाली तीज का त्यौहार पूरे देश में उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। अंबाला में भी इस पर्व को लेकर खास रौनक देखने को मिल रही है। महिलाएं बाजारों में मेहंदी लगवाने और त्योहार की तैयारियों में जुटी हुई हैं। हरियाली तीज महिलाओं के लिए एक विशेष पर्व होता है, जहां वे हरे कपड़े पहनकर झूले झूलती हैं और अच्छे भविष्य की कामना करती हैं।
ऐसा माना जाता है कि तीज से त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है– इसके बाद रक्षाबंधन, फिर नवरात्र, दशहरा और फिर दीवाली जैसे बड़े पर्व आते हैं.अंबाला में हरियाली तीज की तैयारियों को लेकर बाजारों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। महिलाएं पारंपरिक हरे कपड़ों में सज-धज कर मेहंदी लगवाने पहुंची।महिलाओं का मानना है कि यह पर्व हरियाली और खुशहाली का प्रतीक है। तीज के मौके पर भाई अपनी बहनों के लिए संधारा लेकर जाते हैं। साथ ही मिठाइयों की दुकानों पर भी खूब रौनक देखने को मिल रही है।हलवाइयों के लिए भी यह समय खास होता है क्योंकि घेवर की मांग इस दौरान चरम पर होती है। अंबाला का घेवर नॉर्दन इंडिया में अपनी खास पहचान रखता है।
अमनप्रीत कौर – “हरियाली तीज का त्यौहार हमारे लिए बहुत खास होता है, हम हर साल इसे धूमधाम से मनाते हैं। मेहंदी लगवाने का अपना ही मज़ा है।”
नीतिका – “इस बार बाजार में बहुत अच्छी तैयारियां हैं। मेहंदी लगवाकर तीज का आनंद और भी बढ़ जाता है।”
अनादि गुप्ता (हलवाई) – “घेवर की मांग इस समय सबसे ज़्यादा होती है। मलाई वाला घेवर तो सबसे ज़्यादा बिकता है। अंबाला का घेवर पूरे नॉर्थ इंडिया में फेमस है।