Chandigarh, 27 July
सिर और गर्दन के कैंसर जागरूकता दिवस की पूर्व संध्या पर पार्क हॉस्पिटल, मोहाली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें कैंसर के बढ़ते मामलों और रोकथाम के उपायों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर डायरेक्टर मेडिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. (ब्रिगेडियर) हरिंदरपाल सिंह, सीनियर कंसलटेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. विजय जगड़ और कंसलटेंट रेडिएशन ऑन्कोलॉजी डॉ. जोबनजीत कौर उपस्थित थे।
डॉ. हरिंदरपाल सिंह ने बताया कि भारत में वर्तमान में लगभग 30 लाख लोग कैंसर से पीड़ित हैं, जिनमें से हर साल 14 लाख नए मामले सामने आते हैं। दुखद तथ्य यह है कि हर वर्ष लगभग 9.10 लाख लोग कैंसर के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। उन्होंने कहा कि सिर और गर्दन के कैंसर मुख्य रूप से तंबाकू, शराब, सुपारी सेवन, और खराब मौखिक स्वच्छता जैसी जीवनशैली से जुड़ी आदतों के कारण होते हैं।डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि भारत को “सिर और गर्दन कैंसर की वैश्विक राजधानी” माना जाता है और इस स्थिति में सुधार के लिए जागरूकता, रोकथाम और शुरुआती पहचान पर जोर देना बेहद ज़रूरी है।
डॉ. विजय जगड़ ने बताया कि भारत में हर साल मुख कैंसर के 1.75 लाख नए मामले सामने आते हैं और इनमें से लगभग 90 प्रतिशत का कारण तंबाकू और गुटखा चबाना है। यह कैंसर गले, मुंह, स्वरयंत्र, गर्दन और साइनस के पास शुरू होता है और समय पर पहचान न होने पर गंभीर रूप ले सकता है।रेडिएशन ऑन्कोलॉजी की विशेषज्ञ डॉ. जोबनजीत कौर ने कहा कि अब न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी, अंग संरक्षण तकनीक और आधुनिक रेडियोथेरेपी व मेडिकल ऑन्कोलॉजी के कारण उपचार की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है, जिससे मरीजों की मृत्यु दर में कमी आई है।
पार्क हॉस्पिटल्स के ग्रुप सीईओ (नॉर्थ) आशीष चड्ढा ने जानकारी दी कि ग्रीसिशन पार्क हॉस्पिटल, मोहाली ट्राइसिटी का पहला ऐसा अस्पताल है, जहां एक ही कमरे में व्यापक कैंसर देखभाल सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीज लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल अब हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सरकारों, ईसीएचएस, सीजीएचएस, आयुष्मान भारत और सभी प्रमुख टीपीए तथा कॉर्पोरेट्स के साथ भी जुड़ा हुआ है।कैंसर की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए न केवल उन्नत इलाज बल्कि जागरूकता, समय पर जांच और जीवनशैली में बदलाव बेहद आवश्यक हैं।