चंडीगढ़ | हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश से तेजी से उद्योगों का पलायन हो रहा है और इसका सीधा असर न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था, बल्कि लोगों के रोजगार पर भी पड़ा है। हुड्डा ने कहा कि यमुनानगर का प्लाईवुड और बर्तन उद्योग, पानीपत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री तो पहले ही बंद होने की कगार पर थी, अब ताजा रिपोर्ट बताती है कि बीते 3 सालों में प्रदेश की 100 से ज्यादा राइस मिलें मध्य प्रदेश शिफ्ट हो चुकी हैं।
हुड्डा का आरोप है कि इस पलायन से हरियाणा को सालाना करीब 100 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और 20-25 हजार लोगों का रोजगार भी छिन रहा है। उन्होंने कहा कि मार्केट फीस, बिजली दरें और कानून-व्यवस्था की लचर स्थिति ने उद्योगों को प्रदेश से बाहर जाने पर मजबूर कर दिया है।
“बीजेपी राज में बर्बाद हो गई किसानों की मेहनत”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा देश में चावल निर्यात में नंबर-1 था, लेकिन अब हिस्सेदारी गिरकर 40% रह गई है। उन्होंने बताया कि यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल जैसे जिलों से राइस मिलें एमपी शिफ्ट हो रही हैं, क्योंकि वहां मार्केट फीस सिर्फ 1.20% है जबकि हरियाणा में यह 4% है।
“यूपी बना प्लाईवुड हब, हरियाणा बना खाली गोदाम”
हुड्डा ने कहा कि यमुनानगर का प्लाईवुड उद्योग, जो कभी प्रदेश की पहचान था, अब यूपी की ओर पलायन कर चुका है। यूपी सरकार उद्योगों को रियायतें दे रही है, जबकि हरियाणा की बीजेपी सरकार ने कुछ नहीं किया। साल 2017 में यमुनानगर में 380 यूनिट थीं, अब सिर्फ 160 बची हैं।
“सिर्फ अपराध, नशा और पलायन में नंबर-1 हुआ हरियाणा”
हुड्डा ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में ना कोई नया बड़ा निवेश आया, ना कोई नई IMT बनी। निवेशकों को अपराध, फिरौती और माफिया के डर ने प्रदेश छोड़ने को मजबूर कर दिया। कांग्रेस कार्यकाल में जहां मारुति, होंडा, रिलायंस जैसे दिग्गज आए, वहीं अब हालात ऐसे हैं कि प्रदेश बेरोजगारी, अपराध, नशा और भ्रष्टाचार में देशभर में सबसे आगे है।