Chandigarh, 5 August
ट्राइसिटी रीजन के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दीक्षांत ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने अल्फा स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के साथ मिलकर एक हाई-परफॉर्मेंस मल्टी-स्पोर्ट्स ट्रेनिंग एकेडमी की स्थापना की है। यह एकेडमी डेराबस्सी स्थित दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य उभरती खेल प्रतिभाओं को जमीनी स्तर से विश्व स्तर तक पहुंचाना है।
यह पहल दीक्षांत ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन मितुल दीक्षित और अल्फा स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के फाउंडर डायरेक्टर सुमित प्रकाश के साझा विज़न का परिणाम है। दोनों ही प्रतिष्ठित सिंधिया स्कूल, ग्वालियर के एलुमनाई हैं और खेलों के प्रति इनका समर्पण इस प्रोजेक्ट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए मितुल दीक्षित ने कहा,दीक्षांत में हम बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट में विश्वास करते हैं। अल्फा स्पोर्ट्स के साथ यह साझेदारी हमें विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और गाइडेंस प्रदान करने में सक्षम बनाएगी, ताकि हमारे स्टूडेंट्स भारत और विदेशों में उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
वहीं, देश के प्रमुख स्पोर्ट्स आंत्रप्रेन्योर और अल्फा स्पोर्ट्स मैनेजमेंट के संस्थापक सुमित प्रकाश ने कहा,“ट्राइसिटी क्षेत्र में खेलों की जबरदस्त संभावनाएं हैं, लेकिन यहां एक संगठित और पेशेवर स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की कमी थी। हमारा उद्देश्य न केवल प्रोफेशनल ट्रेनिंग देना है, बल्कि खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंच का स्पष्ट मार्ग भी प्रदान करना है।”उन्होंने बताया कि अल्फा स्पोर्ट्स पहले से ही देश-विदेश की कई शीर्ष स्पोर्ट्स ऑर्गेनाइजेशंस के साथ साझेदारी कर रहा है।
- क्रिकेट के लिए दिल्ली कैपिटल्स,
- फुटबॉल के लिए बेंगलुरु एफसी – जिसमें बेल्लारी केंद्र में टैलेंटेड खिलाड़ियों के लिए 100% स्कॉलरशिप शामिल है,
- ‘इंडिया खेलो फुटबॉल’ प्रोग्राम – जो यूरोपीय फुटबॉल टूर्स के लिए खिलाड़ियों को स्पॉन्सर करता है,
- तीरंदाजी के लिए ओलंपियन डोला और राहुल बनर्जी द्वारा संचालित DRB फाउंडेशन,
- और निशानेबाजी में ओलंपियन प्रकाश नंजप्पा के साथ प्रशिक्षण की व्यवस्था है।
नई एकेडमी में क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, शूटिंग, तीरंदाजी, तैराकी और बास्केटबॉल जैसे खेलों में विश्व स्तरीय कोचिंग और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा।यह एकेडमी न केवल ट्राइसिटी के खिलाड़ियों के लिए, बल्कि उत्तर भारत के समूचे खेल परिदृश्य के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।