Chandigarh, 5 August
लंग कैंसर वैश्विक स्तर पर सबसे आम कैंसर बन चुका है, वर्ष 2022 में इसके 24 लाख मामले दर्ज किए गए। चीन, अमेरिका, जापान और भारत इस बीमारी से सर्वाधिक प्रभावित शीर्ष चार देशों में शामिल हैं। भारत, लंग कैंसर से होने वाली मृत्यु दर के मामले में भी शीर्ष चार देशों में है।
लिवासा अस्पताल, मोहाली के पल्मोनरी मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. सोनल के अनुसार, कैंसर से होने वाली हर पाँच में से एक मौत लंग कैंसर के कारण होती है। यह बीमारी फेफड़ों की वायुमार्ग की कोशिकाओं से शुरू होती है और इसका प्रमुख कारण धूम्रपान है, जो लगभग 80% मौतों के लिए ज़िम्मेदार है।
डॉ. कृतार्थ ने लक्षणों के बारे में बताया कि इसमें लगातार खांसी, सीने में दर्द, सांस की तकलीफ और खून की खांसी शामिल हैं। लेकिन प्रारंभिक अवस्था में लक्षण न दिखने से इसका जल्दी पता लगाना कठिन हो जाता है।स्क्रीनिंग के माध्यम से बीमारी की प्रारंभिक पहचान संभव है, जिससे जीवन प्रत्याशा में 5 साल तक की वृद्धि हो सकती है। दुर्भाग्य से, कई देशों में इन स्क्रीनिंग कार्यक्रमों तक जनसामान्य की पहुँच सीमित है।